प्रयागराज, इंडिया
स्वरांश और त्रिनाया अभी भी स्वरांश की गाड़ी के पास खड़े थे। स्वरांश के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल चुके थे, जैसे ही त्रिनाया ने अपने घर जाने की मतलब उससे दूर जाने की बात की।

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प्रयागराज, इंडिया
स्वरांश और त्रिनाया अभी भी स्वरांश की गाड़ी के पास खड़े थे। स्वरांश के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल चुके थे, जैसे ही त्रिनाया ने अपने घर जाने की मतलब उससे दूर जाने की बात की।

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