
दुबई, विला में
इश्विका की जब आंखें खुली, तब आद्रांश बेडरूम में था ही नहीं। वो चारों तरफ देखने लगी। अगले पल वो धीरे से उठकर बैठी। इस वक्त उसकी पूरी बॉडी दुख रही थी। शरीर का कोई कोना ऐसा बाकी नहीं था, जहां उसे दर्द न हो रहा हो।

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इश्विका की जब आंखें खुली, तब आद्रांश बेडरूम में था ही नहीं। वो चारों तरफ देखने लगी। अगले पल वो धीरे से उठकर बैठी। इस वक्त उसकी पूरी बॉडी दुख रही थी। शरीर का कोई कोना ऐसा बाकी नहीं था, जहां उसे दर्द न हो रहा हो।

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