
दुबई, सुबह का वक्त
विला में इश्विका सीढ़ियों के छोर पर खड़ी चुपचाप सामने देख रही थी; उसकी आंखों में हैरानी साफ नजर आ रही थी। आद्रांश कॉफी टेबल के पास खड़ा था और वही कॉफी टेबल नीचे गिरी हुई थी। इस वक्त आद्रांश के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं था। उसके सामने एक आदमी खड़ा था।

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