
दिल्ली, इंडिया
केशव ने कॉल कट करके फोन अपना पॉकेट में रखा और फिर उसने सामने वापस त्रिनाया की तरफ देखा, जो आराम से अपने दोनों हाथ बांधे मुस्कुरा रही थी। तभी वो अचानक से बोली, "क्या कहा तुमने? कि मैं तुम्हारे सामने घुटनों के बल गिर कर तुमसे गिड़गिड़ाऊं कि तुम मुझे मेरा बेटा लौटा दो? और तुम्हें सच में ऐसा लगता है कि मैं ऐसा कुछ करने वाली थी? मतलब मैं ऐसा सच में कुछ करूंगी?"












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