
मुंबई, इंडिया
बानी वैसे के वैसे ही खड़ी रेयांश को देख रही थी। इधर Kai दर्द में रेयांश को देख रहा था; उसके मुँह से कुछ निकल नहीं रहा था। उसके घुटने पर लिटरली हड्डी पर गोली लगी थी और इस सिचुएशन में कोई भी इंसान कुछ नहीं बोल सकता था।


मुंबई, इंडिया
बानी वैसे के वैसे ही खड़ी रेयांश को देख रही थी। इधर Kai दर्द में रेयांश को देख रहा था; उसके मुँह से कुछ निकल नहीं रहा था। उसके घुटने पर लिटरली हड्डी पर गोली लगी थी और इस सिचुएशन में कोई भी इंसान कुछ नहीं बोल सकता था।

Write a comment ...
Write a comment ...