
मुंबई, इंडिया
बानी अभी भी इस कॉरिडोर में खड़ी थी। उसका दिमाग एक पल के लिए काम करना पूरी तरीके से बंद कर चुका था। इस वक्त वो एक ऐसी जगह पर थी जहां पर उसने आने के बारे में कभी नहीं सोचा था। वो एक कोठे पर थी और उसे समझ में नहीं आ रहा था कि यहां पर उसे करना क्या था। वो यहां से कैसे निकले? वो कभी आई नहीं थी, उसे कोई आईडिया नहीं था कहां से निकलना है, क्या करना है। कोई हथियार नहीं था उसके पास, फोन तक नहीं था उसके पास।












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