
दिल्ली, इंडिया
हस्पिटल के बाहर इतने सारे मीडिया वाले थे, लिटरली रुद्रिका को कुछ समझ में नहीं आया और वो एकदम से त्रियांश के सीने से लग चुकी थी। त्रियांश की पकड़ उसके हाथ-पैर पर मजबूत हो गई। उसने नज़रें घुमाते हुए सबकी तरफ देखा। मीडिया वालों को यहाँ पर नहीं होना चाहिए था।














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