
मुंबई, इंडिया
होटल में वृद्धि वैसे के वैसे ही सोफे पर बैठी हुई थी, अपने पैर क्रॉस करके। कृधांश उसके सामने खड़ा था। उसने आराम से अपने दोनों हाथ बांधे और कुछ पल रुक कर बोला, "क्या करना चाहते हो तुम, स्ट्रॉबेरी?"


मुंबई, इंडिया
होटल में वृद्धि वैसे के वैसे ही सोफे पर बैठी हुई थी, अपने पैर क्रॉस करके। कृधांश उसके सामने खड़ा था। उसने आराम से अपने दोनों हाथ बांधे और कुछ पल रुक कर बोला, "क्या करना चाहते हो तुम, स्ट्रॉबेरी?"

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