
आइलैंड पर
शिवाक्षी इस कमरे के गेट पर खड़ी थी, उसकी नजर सामने रिध्यांश के ऊपर टिकी हुई थी। उसे कहीं से भी कोई अच्छी फीलिंग नहीं आ रही थी। रिध्यांश ने उसे दो उंगलियों से अपने पास आने का इशारा किया।

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शिवाक्षी इस कमरे के गेट पर खड़ी थी, उसकी नजर सामने रिध्यांश के ऊपर टिकी हुई थी। उसे कहीं से भी कोई अच्छी फीलिंग नहीं आ रही थी। रिध्यांश ने उसे दो उंगलियों से अपने पास आने का इशारा किया।

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