
दिल्ली, इंडिया
त्रियांश का चेहरा एक तरफ झुका हुआ था। रुद्रिका उसे बुरी तरीके से घूर रही थी। अगले पल वो एकदम से उसका कॉलर पकड़ कर बोली, "क्या समझते हो तुम खुद को? क्या लगता है तुम्हें, क्या हो तुम? कुछ भी करोगे तुम, जो मर्जी वो करोगे? अगर कुछ भी करना था, तो शादी क्यों की मुझसे?"















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