
दिल्ली, इंडिया
ग़ज़ल अभी भी शावर के नीचे खड़ी थी और वो आंखें फाड़े हैरानी से प्रियोम को देख रही थी, जिसने उसे शेव करने की बात कही थी। उसे बिलीव नहीं हो रहा था कि वो क्या सुन रही थी।

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दिल्ली, इंडिया
ग़ज़ल अभी भी शावर के नीचे खड़ी थी और वो आंखें फाड़े हैरानी से प्रियोम को देख रही थी, जिसने उसे शेव करने की बात कही थी। उसे बिलीव नहीं हो रहा था कि वो क्या सुन रही थी।

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