
दिल्ली, इंडिया
ग़ज़ल एकदम से उठकर बैठी। प्रियोम अभी भी उसे वैसे के वैसे ही देख रहा था। ग़ज़ल ने एक पल के लिए अपने सीने पर हाथ रखा, उसके दिल की धड़कन बुरी तरीके से शोर कर रही थी। उसे सच में लगा था कि पता नहीं उसने क्या भूत देख लिया था! उसका रिएक्शन देखते हुए प्रियोम के होठों पर एक तिरछी मुस्कुराहट आ गई।















Write a comment ...