
दिल्ली, इंडिया
ग़ज़ल ने धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलीं और आंखें खोलते ही उसके मुंह से एक आह निकल गई, क्योंकि उसका सर पीछे से काफी ज्यादा दर्द कर रहा था। एक पल के लिए ग़ज़ल सीलिंग की तरफ देखती रही, फिर उसने चारों तरफ देखा। वहां पर एक स्ट्रांग स्मैल थी।


दिल्ली, इंडिया
ग़ज़ल ने धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलीं और आंखें खोलते ही उसके मुंह से एक आह निकल गई, क्योंकि उसका सर पीछे से काफी ज्यादा दर्द कर रहा था। एक पल के लिए ग़ज़ल सीलिंग की तरफ देखती रही, फिर उसने चारों तरफ देखा। वहां पर एक स्ट्रांग स्मैल थी।

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