
रात का वक्त
7 घंटे ट्रैवल करने के बाद प्रियोम, ग़ज़ल को लेकर सीधे मसूरी आया था और इस वक्त रात के 10:00 बज रहे थे। ग़ज़ल होटल रूम के विंडो पर खड़ी थी। वो पूरा का पूरा कॉटेज स्टाइल होटल था जहां पर वो लोग रुके हुए थे। वो बिल्कुल कॉटेज स्टाइल ही बना हुआ था और फिलहाल वहां पर और कोई नहीं था। थोड़ी देर बाद गेट खुला और प्रियोम अंदर आया।




















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