
भोपाल इंडिया
रुहान्या वैसे के वैसे शार्दुल के साथ खड़ी थी। उसकी नज़रें सामने धनुष पर टिकी हुई थीं। धनुष के हाथ में जो चाकू था, वो पूरी तरीके से खून से सन चुका था। उसके खुद के कपड़ों पर खून के छींटे थे और वो पृथ्वी का खून था।


भोपाल इंडिया
रुहान्या वैसे के वैसे शार्दुल के साथ खड़ी थी। उसकी नज़रें सामने धनुष पर टिकी हुई थीं। धनुष के हाथ में जो चाकू था, वो पूरी तरीके से खून से सन चुका था। उसके खुद के कपड़ों पर खून के छींटे थे और वो पृथ्वी का खून था।

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