
दिल्ली इंडिया
वो आवाज ग़ज़ल की थी, बस ग़ज़ल की आवाज सुनते प्रियोम अचानक से खड़ा हो गया। श्रेया वैसे के वैसे फ्लोर पर पड़ी हुई थी। प्रियोम ने वो चाकू तुरंत sink में डाल दिया और ऐसा डाला था कि वो बाकी बर्तन में छुप गया था। sink में ऑलरेडी बर्तन थे, क्योंकि अभी तक सबने खाया-पिया था और खाना भी बना था। ग़ज़ल तब तक वहां पर आ चुकी थी।




















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