
देहरादून इंडिया
सुबह के करीब 8:00 बजे तक उर्वी देहरादून आ चुकी थी, जहां पर अनय का कॉलेज था, वहां उसका हॉस्टल था, वो वहीं पर रहता था। अनय को हमेशा से देहरादून से अपनी पढ़ाई करनी थी, इसीलिए वो यहां पर था। उर्वी ने सब कुछ लगाया था अपना, जो भी वो कर सकती थी अनय को एजुकेशन देने के लिए और अभी भी वो उसके लिए ही सारी चीज़ें कर रही थी।




















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