
जैसलमेर, राजस्थान
रात का वक्त
रहमत तुरंत गाड़ी से उतरी। इस वक्त वो इस होटल के सामने थी जिसके बारे में अस्मिता ने कहा था और जहां पर वेद्यांश उसका इंतजार कर रहा था। उसने ब्राउन कलर का ओवरकोट पहना हुआ था, जो उसकी पूरी बॉडी को कवर कर रहा था। बाल खुले हुए थे। उसने कसकर अपने ओवरकोट पर पकड़ मजबूत की।
तभी ड्राइवर ने उसे देखकर कहा, "हुकुम रानी सा, मैं आपको अंदर तक छोड़ूं?"
रहमत बीच में ही बोली, "नहीं आप जाइए, मैं चली जाऊंगी।"
उसके इतना कहते ही ड्राइवर ने हल्के से सर हिलाया और वो तुरंत वहां से निकल गया। रहमत ने धीरे-धीरे अपने कदम आगे की तरफ बढ़ाने शुरू कर दिए। वो अंदर आई। उसे पता था कि कहां जाना था। रूम नंबर और वो जो प्रेसिडेंशियल स्वीट था, उसके बारे में वो जानती थी। तो वो सीधे 10th फ्लोर पर पहुंची। 1003, प्रेसिडेंशियल स्वीट नंबर।



















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