
मनाली, इंडिया
रात का वक्त
श्रेयांश का एक हाथ कथा की कमर पर था और उसने उसके गले पर अपने होंठ रखे हुए थे। कथा ने अपनी आंखें बंद करते हुए एकदम से अपनी गर्दन टेढ़ी कर ली। उसकी पकड़ श्रेयांश के कॉलर पर काफी ज्यादा मजबूत हो चुकी थी। श्रेयांश धीरे-धीरे उसके गले पर किस करते हुए सीधे उसके कंधे तक पहुंचा और अगले ही पल वो एकदम से पीछे हट गया।
कथा तुरंत उसे देखकर बोली, "क्या तुम..."
श्रेयांश बीच में ही बोला, "पहले दिन है, अगर मैं अभी कंट्रोल खो दिया तो हम खाना कब खाएंगे? डिनर इस इंपोर्टेंट मोर देन..."
कथा बीच में ही बोली, "रियली! कैसे डबल स्टैंडर्ड वाली बातें करते हो ना तुम? तुम्हारी नजर ऐसी है कि तुम्हारा बस चले कि तुम अभी के अभी मेरे कपड़े अपनी आंखों से उतार दो और फिर तुम्हें बात ऐसी करनी है जैसे..."




















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